
स्पोर्ट्स डेस्क, इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने वीरवार को ओलंपिक खेलों में महिला वर्ग की सुरक्षा के लिए नई नीति की घोषणा की है। अब ओलंपिक या किसी भी आईओसी इवेंट में महिला कैटेगरी के सभी इवेंट्स (व्यक्तिगत और टीम स्पोर्ट्स दोनों) में केवल बायोलॉजिकल महिलाओं को ही भाग लेने का अधिकार होगा।
आईओसी की अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने कहा कि ओलंपिक खेलों या किसी अन्य आईओसी प्रतियोगिता में, व्यक्तिगत और टीम खेलों सहित महिला वर्ग की किसी भी स्पर्धा में हिस्सा लेने की योग्यता अब केवल बायोलॉजिकल महिला प्रतिभागियों तक सीमित है। यह योग्यता एक बार एसआरवाई जीन स्क्रीनिंग के आधार पर निर्धारित की जाएगी।

नई पॉलिसी 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों से लागू होगी। यह पॉलिसी महिला वर्ग में निष्पक्षता, सुरक्षा और अखंडता की रक्षा करती है। आईओसी की अध्यक्ष क्रिस्टी ने नई पॉलिसी पर बात करते हुए कहा, “वो खुद एक पूर्व खिलाड़ी के रूप में सभी ओलंपियन के निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के अधिकार में पूरी तरह विश्वास करती हैं, यह पॉलिसी साइंस पर आधारित है और मेडिकल एक्सपर्ट के नेतृत्व में तैयार की गई है।”
उन्होंने कहा, “ओलंपिक खेलों में बहुत छोटे अंतर से जीत और हार तय होती है, इसलिए बायोलॉजिकल मेन्स का वूमेन्स कैटेगरी में खेलना निष्पक्ष नहीं होगा। कुछ खेलों में तो यह सुरक्षित भी नहीं होगा।”
गौरतलब है कि ज्यादा टेस्टोस्टेरोन लेवल या एक्सवाई क्रोमोसोम वाले एथलीट्स के हिस्सा लेने से 2024 पेरिस ओलंपिक में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।



